Friday, August 19, 2011

ज़ुल्म की आंधी

__________नज़्म

अब न रहेगी देश में यारो ज़ुल्म की आंधी
अमन का पुजारी आ गया अब बन के गांधी |

देश भक्तों  की कुर्बानी इस देश को न भायी
आज़ादी इन्हें सौंप गए पर संभल न पायी |

"कपिल" नाम को बदल रहीं हैं माएं सारी
कहाँ जाएँ वो सोच रहीं अब शर्म की मारी |

जिस तरफ की नज़र संसद में है चंगेजी
कया समझेंगे अन्ना के बिल की अंग्रेजी |

_______हर्ष महाजन