Wednesday, January 25, 2012

मेरे हुस्न को ए 'हर्ष' इस तरह क्यूँ देखा करते हो यूँ बेकरार से

मेरे हुस्न को ए 'हर्ष' इस तरह क्यूँ  देखा करते हो यूँ बेकरार  से
घायल कर देगी कोई किरण निकलेगी गर मेरे दिल की दरार से |


____________________________________हर्ष महाजन