Thursday, September 5, 2013

उनके रुखसार पे अश्कों का सफ़र खूब हुआ

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उनके रुखसार पे अश्कों का सफ़र खूब हुआ,
बेवफाई का था ज़िन्दगी पे असर खूब हुआ |

उम्र भर सहते रहे ज़ख्म जो सीने में दफ़न,
रफ्ता-रफ्ता उनकी आँखों में जिकर खूब हुआ |

उनकी मख्मूर निगाहों ने पिलाई थी बहुत,
बिन पिए असर शराबों का मगर खूब हुआ |

सरहदें टूट गयीं बाहों से फिसले वो मगर,
लुट गए खूब जिकर इधर-उधर खूब हुआ |

ये मोहब्बत तो नहीं आग का दरिया लेकिन,
उनको महबूब बताने का सफ़र खूब हुआ |

___________हर्ष महाजन

मख्मूर=मादक

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